कभी फुर्सत मिले तो याद कीजिएगा
~कभी फुर्सत मिले तो याद कीजिएगा~
अजी..कभी फुर्सत मिले तो हमें याद कीजिएगा..
बड़ी मुद्दतों से मुलाकातें हुईं थी आपसे
फिर कभी मुलाकात-ए-मौसम आए
तो हमें इत्तला कीजिएगा..
कभी फुर्सत मिले तो...
दुख दर्द बांटने की फितरत हमारी आज भी पुरानी है हौसला-परस्त हैं हम और हिम्मत तूफानी है..
मिले कहीं अगर किसी डगर में तो हाथ दीजिएगा..
कभी फुर्सत मिले तो...
तन्हा जीना अब आदत है हमारी..
खुशियों से अब कम ही है यारी-दोस्ती हमारी..
बस आप आकर सपनों में जरा मुस्कुरा दीजिएगा..
कभी फुर्सत मिले तो...
हम रहे ना रहे यादें रहेंगी ये सारी..
वो लम्हें, वो बातें, हर पल सुध लेंगीं हमारी..
कभी सब कुछ बुलाकर इनमें खो लीजिएगा..
अजी..कभी फुर्सत मिले तो हमें याद कीजिएगा..
...हमें याद कीजिएगा...
अखंड मिश्र 'एके'✍️
(स्वरचित)
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Dr. SAGHEER AHMAD SIDDIQUI
21-Jan-2022 09:16 AM
Nice
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AKHAND MISHRA
21-Jan-2022 11:15 AM
Sukhriya
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Aliya khan
20-Jan-2022 11:20 PM
Wah bahut khoob
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AKHAND MISHRA
21-Jan-2022 11:15 AM
बहुत शुक्रिया 💚
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kapil sharma
20-Jan-2022 08:49 PM
👍👍👍
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AKHAND MISHRA
21-Jan-2022 11:14 AM
🙏💙
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